मुंबई | विनोद तिवारी !
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के दिव्यांग कल्याण विभाग ने ‘मोबाइल शॉप ऑन व्हीकल’ योजना के कार्यान्वयन के लिए ₹25 करोड़ का अनुदान जारी किया है। 3 फरवरी को जारी सरकारी निर्णय (GR) के अनुसार, यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के तहत वितरित की गई है।
क्या है ‘मोबाइल शॉप ऑन व्हीकल’ योजना?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) वाहन उपलब्ध कराना है। इन वाहनों का उपयोग दिव्यांग व्यक्ति ‘फिरती दुकान’ (Mobile Shop) के रूप में कर सकेंगे, जिससे उन्हें एक ही स्थान पर बंधे रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर व्यापार करने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
किसे मिलेगा लाभ?
- योजना का लाभ उन दिव्यांगों को मिलेगा जिनकी विकलांगता 40% या उससे अधिक है।
- आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए ।
- योजना के तहत उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर है।
सख्त निगरानी में होगा खर्च
योजना को लागू करने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य दिव्यांग वित्त व विकास महामंडळ (MSHFDC) को सौंपी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अनुदान सशर्त है। महामंडळ को खर्च किए गए फंड का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilization Certificate) समय पर सरकार और महालेखापाल कार्यालय को सौंपना अनिवार्य होगा।
सम्मानजनक जीवन की ओर कदम
राज्य सरकार की इस पहल को दिव्यांगों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस योजना से दिव्यांग व्यक्ति न केवल स्वावलंबी बनेंगे, बल्कि वे समाज में एक सम्मानजनक जीवन भी जी सकेंगे। यह कदम उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।











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