मुंबई | विनोद तिवारी !
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लाइव मनोरंजन अर्थव्यवस्था (Live Entertainment Economy) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना (Action Plan) तैयार करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के विजन के अनुरूप, राज्य का लक्ष्य भारत को 2030 तक लाइव मनोरंजन के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश बनाना है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक विकास करना है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है। प्रमुख पहल और रणनीतिक कदम 3 फरवरी को जारी सरकारी परिपत्रक के अनुसार, इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
नोडल एजेंसी की नियुक्ति: महाराष्ट्र स्तर पर सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय को इस पूरी योजना के लिए समन्वय संस्था (नोडल एजेंसी) बनाया गया है।
सिंगल-विंडो सिस्टम: ईवेंट आयोजकों की सुविधा के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के परमिट पोर्टलों को NFDC/ICH के ‘लाइव इवेंट पोर्टल’ के साथ जोड़ा जाएगा। इससे अनुमति लेने की प्रक्रिया आसान और तेज होगी।
स्थानों का चयन: राज्य सरकार लाइव कॉन्सर्ट और बड़े आयोजनों के लिए पूर्व-अनुमोदित (Pre-Approved) स्थानों की एक सूची तैयार कर केंद्र को भेजेगी, ताकि आयोजकों को वेन्यू खोजने में परेशानी न हो।
किराये की समीक्षा: बड़े आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल और सांस्कृतिक मैदानों के किराये को कम और प्रतिस्पर्धी बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठकें की जाएंगी।
मानक संचालन प्रक्रिया (SOP): ‘लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल’ द्वारा तैयार किए गए नियमों और प्रक्रियाओं को राज्य की जरूरतों के हिसाब से लागू किया जाएगा।
सांस्कृतिक और आर्थिक विकास पर जोर
केंद्र सरकार द्वारा गठित संयुक्त कार्य समूह (Joint Action Group) के मार्गदर्शन में यह योजना देश की ‘सॉफ्ट पावर’ को मजबूत करेगी। महाराष्ट्र, जो पहले से ही मनोरंजन का केंद्र है, इस नई नीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी में है।











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