मुंबई | विनोद तिवारी !
महाराष्ट्र सरकार ने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को युद्धस्तर पर ले जाने के लिए ₹501.40 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मंजूर की है। नगर विकास विभाग द्वारा आज जारी सरकारी निर्णय (GR) के अनुसार, यह राशि पहले से आवंटित ₹1000 करोड़ के अतिरिक्त होगी।
बजट का गणित: ₹4000 करोड़ का प्रावधान
कुंभमेला के भव्य आयोजन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कुल ₹4000 करोड़ की व्यवस्था की गई थी। इसमें से:
- ₹1000 करोड़ पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
- ₹3000 करोड़ की अनुपूरक मांग में से ₹501.40 करोड़ की ताजा किश्त आज जारी की गई।
- शेष राशि भी चरणों में जारी की जाएगी ताकि विकास कार्यों की गति न रुके।
इन कार्यों पर खर्च होगी राशि
’कुंभमेला प्राधिकरण अधिनियम, 2025′ के तहत प्रथम चरण के आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस निधि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए होगा:
- सड़क बुनियादी ढांचा: नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों का चौड़ीकरण।
- जल आपूर्ति: श्रद्धालुओं के लिए सुचारू पेयजल योजनाएं।
- घाट और मंदिर: प्रमुख घाटों का जीर्णोद्धार और ऐतिहासिक मंदिरों का संरक्षण।
मार्च 2027 तक का लक्ष्य
प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। नाशिक महानगरपालिका (NMC) ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर की 19 प्रमुख सड़कों पर चल रहे खुदाई के काम फरवरी के अंत तक पूरे कर लिए जाएं। मार्च 2026 से बड़े पैमाने पर डामरीकरण और सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा, ताकि मार्च 2027 तक सभी प्रोजेक्ट पूरे हो सकें।
विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनेगा नाशिक
राज्य और केंद्र सरकार मिलकर कुंभममेला के लिए ₹25,000 करोड़ से अधिक का एक विशाल ‘मास्टर प्लान’ तैयार कर रही हैं। नाशिक के विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाला कुंभमेला प्राधिकरण इन सभी कार्यों की सीधी निगरानी कर रहा है। सरकार का लक्ष्य नाशिक-त्र्यंबकेश्वर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।











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