नई दिल्ली | 2 फरवरी, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष कार्य बल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) के पूर्व निदेशक पुनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। गर्ग पर ₹40,000 करोड़ से अधिक के बैंक ऋणों की धोखाधड़ी और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का आरोप है।
प्रमुख घटनाक्रम और आरोप: ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग को 29 जनवरी, 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसी ने गर्ग के खिलाफ निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:
पदों का दुरुपयोग: आरोप है कि गर्ग ने RCOM में अपने वरिष्ठ पदों का फायदा उठाते हुए बैंक ऋण से प्राप्त भारी-भरकम राशि को अवैध तरीके से डायवर्ट किया।
विदेशी संस्थाओं का जाल: ऋण के पैसे को कई विदेशी सहायक कंपनियों और ऑफशोर शेल संस्थाओं (Offshore entities) के माध्यम से घुमाया गया ताकि ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) को छिपाया जा सके।
लक्ज़री संपत्ति की खरीद: जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस धन का एक हिस्सा न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक आलीशान कॉन्डोमिनियम अपार्टमेंट खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
दुबई कनेक्शन: इस न्यूयॉर्क स्थित संपत्ति को बाद में धोखाधड़ी से बेच दिया गया और उससे मिलने वाली रकम को दुबई की एक संस्था के माध्यम से वापस सिस्टम में लाया गया।
व्यक्तिगत खर्च: ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग गर्ग के व्यक्तिगत खर्चों और उनके बच्चों की विदेशों में शिक्षा के भुगतान के लिए किया गया था।
न्यायिक कार्रवाई: गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के इस जटिल नेटवर्क और धन के अंतिम छोर (End-use) का पता लगाने के लिए गर्ग को 9 दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है।











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