डेली डोज़/ विनोद तिवारी.
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने वाले कलाकारों के सम्मान में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने जलसा, भीमगीत, पोवाड़ा, गीत गायन और शाहिरी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का संदेश देने वाले लोक कलाकारों के लिए ‘लोककवि वामनदादा कर्डक पुरस्कार’ योजना शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है।
6 राजस्व विभागों से होगा चयन शासन द्वारा जारी निर्णय (दिनांक 16 फरवरी 2026) के अनुसार, राज्य के सभी 6 राजस्व विभागों से प्रत्येक विभाग के एक कलाकार का चयन इस पुरस्कार के लिए किया जाएगा। चयनित प्रत्येक व्यक्ति को पुरस्कार स्वरूप 51,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

लोककवि वामनदादा कर्डक ने अपनी ओजस्वी वाणी और समर्थ लेखनी से डॉ. अंबेडकर के विचारों को महाराष्ट्र के कोने-कोने तक पहुँचाया। उनके गीत और पोवाडे सामाजिक अन्याय, जातिभेद और विषमता के विरुद्ध विद्रोह की पहचान बने।
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के साथ आंदोलनों में सक्रिय रहे वामनदादा की प्रेरणादायी विरासत को जीवित रखने के लिए शासन ने यह कदम उठाया है।
यह निर्णय उन कलाकारों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है जो लोक कला के माध्यम से समाज में समानता और बंधुत्व का संदेश फैला रहे हैं।










Leave a Reply