डेली डोज़/ विनोद तिवारी.
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सरकारी और स्थानीय निकाय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शिक्षा को अधिक सुलभ और आनंदमय बनाने के उद्देश्य से, सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘मुफ्त स्कूल बैग योजना’ को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
165 करोड़ रुपये का बजट आवंटित:
इस महत्वाकांक्षी योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने ₹165 करोड़ के भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। सरकार का अनुमान है कि इस पहल से राज्य के लगभग 41.43 लाख छात्रों को सीधा लाभ पहुंचेगा। यह कदम शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है।
इन छात्रों को मिलेगा लाभ:
योजना की पात्रता और कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
पात्रता: यह योजना केवल महाराष्ट्र राज्य की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (जिला परिषद, नगर परिषद आदि) द्वारा संचालित स्कूलों के छात्रों के लिए है।
दायरा: कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी पात्र विद्यार्थी इसके लाभार्थी होंगे।
अपवाद: वे महानगरपालिकाएं जो पहले से ही अपने स्वयं के बजट से छात्रों को मुफ्त स्कूल बैग प्रदान कर रही हैं, उन्हें इस राज्यव्यापी योजना से बाहर रखा गया है ताकि संसाधनों का दोहराव न हो।
शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कदम:
सरकार के अनुसार, यह निर्णय ‘बालकों का मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020’ के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए एक अनुकूल और उत्साहजनक शैक्षणिक माहौल तैयार करना है, जिससे स्कूलों में उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।










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