डेली डोज / कल्पना गौतम
12 फरवरी, 2026 को नॉर्वे की आर्थिक अपराध शाखा, Økokrim ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री थोरबजर्न जागलैंड (Thorbjørn Jagland) पर गंभीर भ्रष्टाचार (Gross Corruption) के आधिकारिक आरोप तय किए। यह कार्रवाई ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत जारी किए गए लगभग 30 लाख दस्तावेजों के खुलासे के बाद की गई है।

जांच और मुख्य आरोप:
यह मामला 2011 से 2018 के बीच जागलैंड और कुख्यात जेफरी एपस्टीन के संबंधों पर आधारित है। उस समय जागलैंड काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव और नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अध्यक्ष जैसे प्रभावशाली पदों पर थे।
- संपत्तियों पर छापेमारी: पुलिस ने ओस्लो, रिसोर और राउलैंड में जागलैंड के तीन आवासों पर एक साथ छापेमारी की।
- राजनयिक छूट का अंत: यह मुकदमा तभी संभव हो पाया जब काउंसिल ऑफ यूरोप ने जागलैंड की राजनयिक छूट (Diplomatic Immunity) को हटाने के पक्ष में मतदान किया।
- अनुचित लाभ के आरोप: लीक हुई फाइल्स के अनुसार, एपस्टीन ने जागलैंड और उनके परिवार को न्यूयॉर्क और पेरिस में आलीशान प्रवास, लक्जरी यात्राएं और ओस्लो में एक अपार्टमेंट खरीदने के लिए वित्तीय सहायता देने की पेशकश की थी।
नॉर्वे की अन्य हस्तियों पर प्रभाव:
जागलैंड के अलावा, इन दस्तावेजों ने नॉर्वे के कई अन्य बड़े चेहरों को भी मुश्किल में डाल दिया है:
- मोना जूल और टेर्जे रोड-लार्सन: इस राजनयिक दंपत्ति के खिलाफ जांच जारी है क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार उनके बच्चे एपस्टीन की वसीयत के लाभार्थी पाए गए हैं।
- क्राउन प्रिंसेस मेट-मारिट: राजकुमारी पर कोई कानूनी आरोप तो नहीं है, लेकिन उन्होंने एपस्टीन के साथ अपने पुराने संबंधों के लिए जनता से औपचारिक माफी मांगी है।
- बोर्गे ब्रेंडे: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के अध्यक्ष और नॉर्वे के पूर्व विदेश मंत्री भी एपस्टीन के साथ अपनी बैठकों को लेकर आंतरिक जांच का सामना कर रहे हैं।
जागलैंड ने खुद को निर्दोष बताया है और उनके वकीलों का कहना है कि एपस्टीन के साथ उनके संबंध केवल परोपकारी और अंतरराष्ट्रीय कार्यों तक सीमित थे।










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